कोडिंग क्या है? Top 9 Coding Languages in Hindi

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Coding Kya HaiWhat is Coding in Hindi – दोस्तों, इस लेख में आप जान पाएंगे कोडिंग क्या है और इसे कैसे सीखें. साथ ही Top 9 Languages के बारे में भी जानेंगे जिनसे आप आसानी से Coding सीख सकते हैं. आज टेक्नोलॉजी के आगे बढ़ने में कहीं-न-कहीं श्रेय कोडिंग को ही जाता है. ये जो कंप्यूटर, स्मार्टफोन, एप्स, सॉफ्टवेयर और वेबसाइट हैं कोडिंग की वजह से ही काम कर पाती हैं.

कोडिंग क्या है

आपकी जानकारी के लिए बता दें की जो कंप्यूटर आप इस्तेमाल करते हैं, उसमे जो सिस्टम/फंक्शन होता है वो पहले वैसा नहीं था. पहले हमें Coding की मदद से उस सिस्टम को बनाना पड़ता था, इसके बाद ही हम उसका इस्तेमाल कर पाते थे. बाद में कोडिंग की मदद से एक ऑपरेटिंग सिस्टम बनाया गया. जिसे आज हम इस्तेमाल कर पाते हैं.

कोडिंग की मदद से ही सारे एप्स, सॉफ्टवेयर बने हैं. अगर आप भी चाहें तो कोडिंग सीख कर Software Develop करके पैसे कमा सकते हैं. अगर आप भी Coding और Programming में अपना Career बनाना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि कोडिंग क्या है, कोडिंग कैसे सीखे तो इस लेख को पूरा पढ़ें. चाहिए पहले यही जान लेते हैं कि कोडिंग क्या है.

कोडिंग क्या है

Coding कंप्यूटर की भाषा है जो Backend में होती है. कोडिंग भाषाओँ से प्रोग्राम तैयार किया जाता है, जिससे कंप्यूटर को निर्देश दिया जाता है. Coding एक प्रक्रिया है जिससे हम अपने आईडिया, समाधान और निर्देशों को उस भाषा में कन्वर्ट करते है जिसे कंप्यूटर समझता है. इसे Programming के नाम से भी जाना जाता है.

यहाँ पर कंप्यूटर कहने का अभिप्राय सिर्फ Computer या Laptop से नहीं है. हर वो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जिसमे हम कुछ इनपुट करते हैं और वह आउटपुट देता है वह कंप्यूटर है. जैसे की PC, Smartphone, Printer, Scanner, यहाँ तक कि Calculator भी एक कंप्यूटर ही है.

कंप्यूटर उस इनपुट (कोडिंग) को बाइनरी कोड(0, 1) में ट्रांसलेट करता है और आउटपुट देता है. क्योकि कंप्यूटर सामान्य हिंदी अंग्रेजी या अन्य भाषा नहीं समझता है. अब चलिए कुछ प्रमुख Coding Languages के बारे में जान लेते हैं.

Coding Languages कौन-कौन से हैं?

C Language

C Language को Dennis Ritchie ने सन 1972 में Bell Telephone Laboratories में Develop किया था. इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को बनाने का प्रमुख कारण यूनिक्स ऑपरेटिंग सिस्टम का निर्माण करना था. इसे दुनिया की सबसे पुरानी Programming Language मन जाता है. C लैंग्वेज का उपयोग ऑपरेटिंग सिस्टम, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर, सिस्टम सॉफ्टवेयर, नेटवर्क ड्राईवर आदि के लिए किया जाता है.

#include <stdio.h>
int main()
{
   /* printf function displays the content that is
    * passed between the double quotes.
    */
   printf("Hello World");
   return 0;
}

C Language हर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का Compiler होता है. यह प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को कंप्यूटर के समझने लायक बाइनरी कोड में बदल देता है. इसमें लो लेवल और हाई लेवल दोनों प्रकार के प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के गुण हैं. शायद इसीलिए यह लैंग्वेज 30-40 साल होने के बावजूद भी इतना लोकप्रिय है.

C++ क्या है?

C++ काफी पावरफुल, Statically-Typed, जनरल-परपस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है. इसे Mid-Level भाषा के रूप में जाना जाता है क्योंकि यह हाई लेवल और लो लेवल की भाषा सुविधाओं का संयोजन है. इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को Bjarne Stroustrup (हिंदी:बजारने स्ट्रोस्ट्रुप) ने C Language के अपडेटेड वर्शन के रूप में 1979 में डेवेलप किया था. इस लैंग्वेज में लिखे गए कोड थोड़े छोटे होते हैं.

// Your First C++ Program

#include <iostream>

int main() {
    std::cout << "Hello World!";
    return 0;
}

पहले इस लैंग्वेज का नाम C-with Classes था जिसे बाद में 1983 में बदल कर C++ कर दिया गया.C++ लैंग्वेज से बनाये गए Program यूनिक्स, लिनक्स, विंडोज आदि ऑपरेटिंग सिस्टम्स पर चलाये जा सकते हैं. इस लैंग्वेज को कुछ इस तरह से बनाया गया है की इसका C लैंग्वेज से सम्बन्ध बना रहे. इसीलिए C के अधिकांश प्रोग्राम C++ में बिना किसी Changes के चलाये जा सकते हैं.

HTML

HTML एक सरल और लिखने में आसान कोडिंग या मार्कअप लैंग्वेज है. HTML जिसका फुल फॉर्म HyperText Markup Language है, को Tim Berners-Lee ने सन 1993 में डेवेलोप किया था. इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से Web Development या वेब बेस्ड ऐप बनाने और HTML डॉक्यूमेंट बनाने में किया जाता है. इसमें सबसे जरुरी Tag होता है, कोई टैग ओपन हुआ है तो उसे सही तरीके से क्लोज भी करना होता है, वरना HTML काम नहीं करेगा

<!DOCTYPE html>
<html>
<body>

<h1>This is a Heading.</h1>
<p>This is a paragraph.</p>
<p>This is another paragraph.</p>

</body>
</html>

अगर आपको बेसिक HTML आता है तो आप एक वेबसाइट आसानी से बना सकते हैं. इसकी खासियत यह है की इसके साथ-साथ JavaScript और CSS का इस्तेमाल भी किया जा सकता है जिससे एक शानदार वेबपेज बनाया जाता है. इसमें काफी सारे छोटे कोड होते हैं जिनको मिलाकर HTML डॉक्यूमेंट तैयार होता है. इसका सबसे लेटेस्ट वर्शन HTML5 है जिसे 22 जनवरी 2008 में रिलीज़ किया गया था.

CSS

CSS एक स्टाइल शीट कोडिंग लैंग्वेज है जिसका पूरा नाम Cascading Style Sheets है. इस कोडिंग लैंग्वेज को World Wide Web Consortium के द्वारा 1996 में डेवेलोप किया था. इसका इस्तेमाल भी मुख्य रूप से वेब डिजाइनिंग और वेब ऐप डेवलपमेंट में किया जाता है. यह HTML, SVG, MathML, XHTML और XML मार्कअप लैंग्वेजों की सुन्दरता को बढ़ा कर और अधिक आकर्षक बनाता है.

<style>
body {
  background-color: linen;
}

h1 {
  color: maroon;

  font-size: 25px;
  margin-left: 40px;
} 
</style>

इसे Web Page या ऐप के Color, Fonts, Layout, टच-एक्शन आदि को Customize के लिए उपयोग में लाया जाता है.यह एक स्वतन्त्र HTML है लेकिन बिना किसी अन्य मार्कअप लैंग्वेज के काम नहीं करता है. CSS तीन प्रकार के होते हैं Internal, External और Inline. अगर आप वेब डिजाइनिंग या App Development में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो इसे जरुर सीखना चाहिए.

Java

Java एक हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है. एंड्राइड के आने से पहले सभी गेम्स और एप्स Java से बनते थे. इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को James Gosling और उनकी टीम ने 1991 में डेवेलोप किया था. आज हम जितने भी Apps और Softwares इस्तेमाल करते हैं, उनमे से अधिकांश में Java प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल किया गया होता है. जावा अन्य प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के मुकाबले काफी सरल और लिखने में आसान है.

JavaScript

JavaScript सबसे अधिक लोकप्रिय कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और स्क्रिप्टिंग Language है. इसे शोर्ट फॉर्म में Js कहते हैं. इस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को Brendan Eich ने 1995 में Introduce किया था. यह लैंग्वेज Client side और Server side दोनों तरफ से उपयोग में लाया जा सकता है. इसे किसी वेब पेज में कोई फंक्शन ऐड करने और उसे Interactive बनाने में किया जाता है.

<script>
function myFunction() {
  document.getElementById("demo").innerHTML = "Paragraph changed.";
}
</script>

यह वेब डिजाइनिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योकि एक वेब पेज HTML, CSS और Javascript के कोड्स का मिश्रण होता है. Javascript प्रोग्रामिंग लैंग्वेज Java से संदर्भित है और इसका Syntax C लैंग्वेज के जैसा है. Javascript, Java के मुकाबले काफी जल्दी Execute होता है. Javascript अन्य प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की तुलना में थोड़ा जटिल है.

Python

Python एक हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है, जो की काफी आसान है. कोई Beginner, जो कोडिंग और प्रोग्रामिंग के क्षेत्र में नया है वह इस लैंग्वेज को आसानी से सीख सकता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें की यह HTML, CSS या C Language आदि से काफी अलग है. Python प्रोग्रामिंग लैंग्वेज Guido van Rossum के द्वारा 1989 में डेवेलोप किया था.

# This program adds two numbers

num1 = 1.5
num2 = 6.3

# Add two numbers
sum = num1 + num2

# Display the sum
print('The sum of {0} and {1} is {2}'.format(num1, num2, sum))

यह भी एक जनरल पर्पस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है. इस लैंग्वेज का इस्तेमाल मुख्यतः Data Science में और सर्वर साइड प्रोग्रामिंग के लिए किया जाता है.

Ruby

Ruby एक Interpreted, हाई लेवल और जनरल पर्पस प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है. यह कई प्रोग्रामिंग पैराडाईम्स को सपोर्ट करता है. इसे Yukihiro Matsumoto ने सन 1995 में डेवेलोप किया था. इसका सबसे ज्यादा उपयोग वेब डिजाइनिंग में किया जाता है. यह एक ओपन सोर्स कोडिंग लैंग्वेज है जिसे किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम में Run किया जा सकता है. Ruby का इस्तेमाल भी पाइथन की तरह सर्वर साइड स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज के रूप में किया जाता है.

PHP

PHP एक हाई लेवल Interpreted स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है जिसका पूरा नाम HyperText Preprocessor है. इसे रसमस लेरडॉर्फ के द्वारा 1994 में विकसित किया गया था. साथ ही यह ओपन सोर्स भी है. इसका इस्तेमाल सर्वर-साइड होता है. इसका इस्तेमाल HTML के साथ Dynamic वेबसाइट बनाने में किया जाता है, जो कि अन्य सर्वर-साइड स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज से काफी फ़ास्ट होती है.

<?php
$x = 5; // global scope
 
function myTest() {
  // using x inside this function will generate an error
  echo "<p>Variable x inside function is: $x</p>";
} 
myTest();

echo "<p>Variable x outside function is: $x</p>";
?>

इसकी खासियत यह है कि इसे बाइनरी कोड में ट्रांसलेट करने की कोई जरुरत नहीं होती है क्योकि यह एक Interpreted स्क्रिप्टिंग लैंग्वेज है. इसका लेटेस्ट वर्शन 8.1.7 Stable है जो 09 June 2022 को रिलीज़ हुआ है.(July 2022 के अनुसार)

Note: इनके अलावा .NET, MySQL, Swift, C#, Perl, SQL आदि प्रोग्रामिंग / कोडिंग लैंग्वेज होती है जिनके बारे में आप इन्टरनेट पर पढ़ सकते हैं. लेकिन इनका उपयोग बहुत ही हाई लेवल कोडिंग में किया जाता है.

कोडिंग के बारे में और जानें

अंतिम शब्द

हमने आपको कोडिंग से सम्बंधित काफी जानकारी दे दी है. साथ ही विभिन्न उपयोगी कोडिंग लैंग्वेज के बारे में भी बताया है. हमें उम्मीद है की आपको कोडिंग के बारे में अच्छी नॉलेज हो गयी होगी. अगर लेख से सम्बंधित कोई सवाल या सुझाव है तो हमें कमेंट में बताएं.

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  1. Google अकाउंट में नाम चेंज कैसे करें
  2. Jar ऐप क्या है, इसे कैसे यूज़ करें

आपको हमरा यह लेख Coding क्या है कैसा लगा हमें कमेंट में बता सकते हैं, हमें इससे ख़ुशी मिलती है. साथ ही अगर आपको लेख पसंद आया है तो इसे सोशल मीडिया में शेयर करना ना भूलें.

Harsh Lahre
दोस्तों, मै Harsh Lahre इस Fire Hindi ब्लॉग वेबसाइट का एडिटर और फाउंडर हूँ. इस ब्लॉग में हम टेक्नोलॉजी से रिलेटेड जानकारियाँ शेयर करते हैं. साथ ही आपकी तकनीकी समस्याओं का समाधान भी बताते हैं.

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